निर्देशक: एस. शंकर
लेखक: जी. चंद्रशेखर, जयंमोहन, वामसी कृष्णा
कलाकार: कमल हासन, सिद्धार्थ, रकुल प्रीत सिंह
Rating: ★★☆☆☆(2/5)
संक्षिप्त सारांश: Hindustani 2
Hindustani 2 “Indian 2” भ्रष्टाचार के खिलाफ एक स्वतंत्रता सेनानी की कहानी है, जो सोशल मीडिया का उपयोग कर अपने मिशन को अंजाम देता है। 1996 की फिल्म “Indian” का यह सीक्वल उसी नायक की कहानी को आगे बढ़ाता है, जो अबकी बार और भी जटिल और चुनौतीपूर्ण हालातों से जूझता है।

व्यक्तिगत अनुभव: Indian 2
हाय दोस्तों! जब मैंने Hindustani 2 “Indian 2” के टिकट लिया, तो मेरी एक्साइटमेंट का कोई ठिकाना नहीं था। सोचो, इतने साल बाद एस. शंकर और कमल हासन की जोड़ी एक बार फिर से एक हे स्क्रीन पर धमाल मचाने वाली थी। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म चलती गई, मेरा दिल टूटता चला गया।
ताकत:
- अभिनय: कमल हासन का अभिनय हमेशा की तरह टॉप नॉच है। उनके एक्सप्रेशंस और डायलॉग डिलीवरी सच में काबिले तारीफ है।
- सिनेमैटोग्राफी: फिल्म के विजुअल्स बहुत ही सुंदर हैं। कैमरा वर्क और लाइटिंग सच में इम्प्रेसिव है।
- म्यूजिक: अनिरुद्ध का म्यूजिक कुछ जगहों पर अच्छा लगा, खासकर रोमांटिक और इमोशनल सीन्स में।
कमजोरियाँ:
- कहानी और प्लॉट: कहानी में कोई नयापन नहीं है। एक तरह से देखा जाए तो यह बहुत ही प्रेडिक्टेबल और बोरिंग है।
- निर्देशन: एस. शंकर से बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं, लेकिन इस बार उनका जादू फीका पड़ गया।
- संवाद: संवाद बहुत ही नीरस और बिना जान के हैं। ऐसा लगा जैसे बस स्क्रिप्ट को पूरा करने के लिए लिखे गए हैं।
- स्पेशल इफेक्ट्स: वीएफएक्स बहुत ही सस्ते लगे। इतने बड़े बजट की फिल्म में यह बहुत ही निराशाजनक था।
- एडिटिंग और गति: फिल्म की गति बहुत ही स्लो है। कुछ सीन इतने लंबे खींचे गए हैं कि नींद आने लगती है।
रोचक तथ्य:
- फिल्म का बजट लगभग 250 करोड़ था, लेकिन यह पैसा कहां गया, यह एक रहस्य ही है।
- “Indian 2” का पहला पार्ट 1996 में आया था, और उसे एक कल्ट क्लासिक माना जाता है।
- फिल्म की शूटिंग के दौरान निर्देशक और प्रोड्यूसर के बीच में कई बार मतभेद की खबरें भी आई थीं।
आकर्षक और सूचनात्मक:
“Indian 2” को देखकर यह साफ हो जाता है कि बड़े नाम और बड़ा बजट ही एक अच्छी फिल्म की गारंटी नहीं होते। फिल्म ने मुझे बेहद निराश किया है और ऐसा लगा जैसे 3 घंटे की बजाय 30 घंटे मैने थिएटर में बिता दिए हों।
हास्यपूर्ण टोन:
दोस्तों, इस फिल्म को देखते वक्त मुझे ऐसा लगा जैसे कि मैं किसी टाइम मशीन में फंस गई हूं, जो मुझे वापस 90 के दशक में ले गई। और यह कोई रोमांटिक एहसास वाला सफर नहीं था, बल्कि एक बोरिंग ट्रिप की तरह था। भगवान बचाए।
ऊर्जावान भाषा:
“Indian 2” को देखकर मेरे मन में एक ही ख्याल आया – यह फिल्म नहीं, एक महा-फ्लॉप शो है! अगर आप सोच रहे हैं कि मैं अतिशयोक्ति कर रही हूँ, तो यकीन मानिए, मैं इस फिल्म की अच्छाइयों को ढूंढ़ते-ढूंढ़ते थक गई, लेकिन मुझे कोई बड़ी वजह नहीं मिली इसे एक बार और देखने की।
अंतिम विचार:
तो दोस्तों, “Indian 2” एक महा-डिजास्टर Movie है। इसे देखने के बाद आपको यही लगेगा कि आपने अपना कीमती समय और पैसा दोनों बर्बाद कर दिए। अगर आप साउथ सिनेमा के फैन हैं, तो इस फिल्म से दूर रहें और कोई और फिल्म देखें।
क्या आपने “Indian 2 Movie” देख ली है? क्या आपके विचार भी हमसे मिलते हैं? कृपया अपना अनुभव हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं और हमारी अगली फिल्म समीक्षा के लिए जुड़े रहें!


