Author name: Tilak Raj Punn

Jab mann saath na de, tab bhi kaise tike rahein

सुबह आंख खुली, फोन की स्क्रीन जली, दिमाग बोला आज कुछ नहीं होगा.फिर भी उठना पड़ा.यहीं से कहानी शुरू होती

Tumhara Phone Tumhe Chup-Chup Gareeb Bana Raha Hai

तुम्हारा Phone तुम्हें चुपचाप गरीब बना रहा है पैसा कभी धड़ाम से नहीं जाता।वो धीरे–धीरे slip होता है।ऐसे जैसे कोई

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